विकास परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने पर जोर
देहरादून। उत्तराखंड के दीर्घकालिक और सतत विकास को लेकर गुरुवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई के बीच मुलाकात हुई। विश्व बैंक की टीम के साथ हुई इस बैठक में उत्तराखंड के विकास की प्राथमिकताओं, जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और तेजी से बढ़ते शहरीकरण समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उत्तराखंड@2047 की विकास रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य को वर्ष 2047 तक मजबूत, समृद्ध, टिकाऊ और आपदा-रोधी बनाने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्व बैंक से जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन के क्षेत्र में वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया।
जल संरक्षण पर विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में नदियों के पुनर्जीवन और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में जल संकट की बढ़ती चुनौती को देखते हुए वर्षा जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विश्व बैंक की तकनीकी विशेषज्ञता और वित्तीय सहयोग राज्य के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
पलायन रोकने के लिए स्थानीय रोजगार पर जोर
बैठक में पलायन की समस्या और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार व आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। जरूरत के अनुसार रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं
मुख्य सचिव ने स्कूली और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विश्व बैंक से सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलती जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ युवाओं को रोजगार और आजीविका से जोड़ना जरूरी है। बैठक में ऊर्जा, वित्त और पेयजल क्षेत्र में संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी भी विश्व बैंक की टीम के साथ साझा की गई।
विश्व बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ नॉलेज ऑफिसर पास्कल डोनोहोई ने राज्य की विकास प्राथमिकताओं को समझते हुए भविष्य में रणनीतिक और फ्लैगशिप परियोजनाओं के जरिए सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। विश्व बैंक की ओर से उत्तराखंड के दीर्घकालिक विकास के लिए तकनीकी सहायता और सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई गई।
सुनियोजित शहरी विकास पर भी मंथन
राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए भविष्य की शहरी जरूरतों, आधारभूत ढांचे और सतत विकास पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि राज्य की प्राथमिकताओं के अनुरूप विश्व बैंक के सहयोग से दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विश्व बैंक से जोहांस जट्ट, सचिव डॉ. रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव नरेंद्र सिंह भंडारी, रोहित मीणा और नवनीत पांडे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




