स्वास्थ्य

मच्छरों के काटने से सिर्फ डेंगू-मलेरिया ही नहीं, एनीमिया का भी बढ़ सकता है खतरा

मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां सेहत के लिए गंभीर परेशानी बन सकती हैं। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे संक्रमणों से बचाव के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। मलेरिया का संक्रमण शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर एनीमिया यानी खून की कमी का कारण भी बन सकता है। खासकर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इस बीमारी के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

मलेरिया और एनीमिया के बीच क्या है 

मलेरिया संक्रमित मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसका कारण प्लास्मोडियम नामक परजीवी है, जो शरीर में पहुंचकर लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। ये कोशिकाएं शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

संक्रमण के कारण लाल रक्त कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं, जिससे हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो सकता है। इस स्थिति में एनीमिया विकसित होने की आशंका रहती है। गंभीर मामलों में मरीज को थकान, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी और दिल की धड़कन तेज होने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

मलेरिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं में गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। बार-बार मलेरिया होने से शरीर में खून की कमी की समस्या बढ़ सकती है। गर्भावस्था के दौरान यह संक्रमण मां और गर्भस्थ शिशु, दोनों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

हालांकि, मलेरिया से संक्रमित प्रत्येक व्यक्ति को एनीमिया हो, यह जरूरी नहीं है। इसका खतरा संक्रमण की गंभीरता और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

मलेरिया होने पर बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसी परेशानियां हो सकती हैं। वहीं, एनीमिया के कारण त्वचा या आंखों में पीलापन, चक्कर आना, कमजोरी और सांस फूलने की समस्या सामने आ सकती है।

यदि बुखार के साथ अत्यधिक कमजोरी, सांस लेने में कठिनाई, बेहोशी या दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। समय पर जांच से बीमारी की पहचान और उचित इलाज में मदद मिलती है।

मच्छरों से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

मच्छरदानी का प्रयोग करें: सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

रिपेलेंट का इस्तेमाल करें: मच्छरों से बचाव के लिए सुरक्षित मच्छर भगाने वाले उत्पादों का उपयोग करें।

पानी जमा न होने दें: घर और आसपास के स्थानों पर जमा पानी को साफ करते रहें।

बुखार होने पर जांच कराएं: लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार इलाज लें।

खुद से दवाएं न लें: मलेरिया की दवा या आयरन सप्लीमेंट बिना चिकित्सकीय सलाह के न लें।

मलेरिया की समय पर पहचान और उचित उपचार से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है। इसलिए मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने के साथ बीमारी के लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

Ad Ad

The Khabarnama India

About

The Khabarnama India उत्तराखण्ड का तेज़ी से उभरता न्यूज़ पोर्टल है। यदि आप अपना कोई लेख या कविता हमरे साथ साझा करना चाहते हैं तो आप हमें हमारे WhatsApp ग्रुप पर या Email के माध्यम से भेजकर साझा कर सकते हैं!

Author

Author: Shubham Negi
Website: www.thekhabarnamaindia.com
Email: thekhabarnama2020@gmail.com
Phone: +91 84456 29080

To Top