उत्तराखंड

मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक

किसानों की आय बढ़ाने, नई फसलों को प्रोत्साहन देने तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर हुई चर्चा

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचार आधारित कार्यों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने, नई फसलों को प्रोत्साहन देने तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को प्रदेश में मोरिंगा की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मोरिंगा स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी फसल है और इसकी मांग देश-विदेश में तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में उत्तराखंड के किसानों के लिए यह आय का एक बेहतर विकल्प बन सकता है। बैठक में मौजूद निजी संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी संस्था असम, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में मोरिंगा उत्पादन एवं प्रसंस्करण पर कार्य कर रही है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बेहतर कार्य करने वाली संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर देहरादून में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मोरिंगा की खेती एवं प्रसंस्करण पर कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे प्रदेश के अन्य जनपदों में भी विस्तार दिया जाएगा। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु औषधीय एवं बागवानी फसलों के लिए अनुकूल है। राज्य में ऐसी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को नई तकनीकों, प्रशिक्षण एवं बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने 11 एवं 12 जून को आयोजित होने वाले सौगंध पौध केंद्र देहरादून द्वारा महाक्रांति नीति में चयनित सिनमन दालचीनी की खेती नर्सरी पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला कार्यक्रम की सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला उत्तराखंड में दालचीनी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में श्रीलंका, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों से दालचीनी विशेषज्ञ एवं वक्ता प्रतिभाग करेंगे, जो अपने देशों की आधुनिक तकनीकों और सफल मॉडल की जानकारी साझा करेंगे। इन बेस्ट प्रैक्टिस को उत्तराखंड में अपनाकर दालचीनी उत्पादन और गुणवत्ता को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

कृषि मंत्री ने 12 एवं 13 जून को देहरादून में आयोजित होने वाले हॉर्टीकल्चर बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाले उत्तराखण्ड उद्यानिकी शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा कर कार्यक्रम भव्य एवं प्रभावी रूप से आयोजित किया जाए। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को नई तकनीक, बाजार, निवेश और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र को नई दिशा प्राप्त होगी।

इस अवसर पर बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, निदेशक कैप नृपेंद्र चौहान, औद्यानिकी बोर्ड सीईओ नरेंद्र यादव, निजी संस्था के पदाधिकारी सौरभ रतूड़ी आदि उपस्थित रहे।

Ad Ad

The Khabarnama India

About

The Khabarnama India उत्तराखण्ड का तेज़ी से उभरता न्यूज़ पोर्टल है। यदि आप अपना कोई लेख या कविता हमरे साथ साझा करना चाहते हैं तो आप हमें हमारे WhatsApp ग्रुप पर या Email के माध्यम से भेजकर साझा कर सकते हैं!

Author

Author: Shubham Negi
Website: www.thekhabarnamaindia.com
Email: thekhabarnama2020@gmail.com
Phone: +91 84456 29080

To Top