उत्तराखंड

महाविद्यालयों व तकनीकी संस्थानों की व्यापक समीक्षा, शिक्षा को रोजगारपरक, गुणवत्तापूर्ण व आधुनिक बनाने के निर्देश

प्रतियोगी परीक्षाओं, प्लेसमेंट, प्रोफेशनल व वोकेशनल कोर्स तथा स्वरोजगार पर विशेष फोकस

दूरस्थ व पर्वतीय क्षेत्रों के महाविद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर

बालिका शिक्षा को नयी दिशा, जिलाधिकारी का उच्च शिक्षा के बाद बालिकाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर

पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़, व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में समस्त राजकीय महाविद्यालयों एवं राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में उच्च शिक्षा संस्थानों की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति, आधारभूत संरचना, परिणाम, प्लेसमेंट, संसाधनों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गहन एवं बहुआयामी चर्चा की गयी।

जिलाधिकारी ने कहा कि सामान्यतः इंटरमीडिएट स्तर तक के विद्यालयों की नियमित समीक्षा होती है, किन्तु उच्च शिक्षा संस्थानों की इस प्रकार समग्र समीक्षा कम हो पाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह बैठक आयोजित की गयी है, ताकि महाविद्यालयों एवं तकनीकी संस्थानों की वास्तविक स्थिति का आंकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों से उनके परिणाम (रिजल्ट), प्लेसमेंट, विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों की स्थिति, विषयवार संकाय, भवनों की स्थिति एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी संस्थान अपनी अद्यतन सूचनाएं एक व्यवस्थित प्रारूप में नियमित रूप से उपलब्ध कराएं, जिससे योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सके।

सभी महाविद्यालयों तथा तकनीकी संस्थानों के प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने संस्थानों की समस्याएं, आवश्यकताएं एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद स्तर से जो कार्य संभव होंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाएगा, जबकि अन्य प्रस्तावों को आवश्यकतानुसार शासन स्तर पर प्रेषित कर आवश्यक स्वीकृति दिलायी जाएगी। उन्होंने सभी लंबित प्रस्तावों को सुव्यवस्थित एवं पूर्ण रूप से तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में महाविद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं जैसे स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग संसाधन, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, कक्षाओं की उपलब्धता तथा भवनों की संरचनात्मक स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी महाविद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी आधारित शिक्षण व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक, इंटरएक्टिव एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने आवश्यकतानुसार स्मार्ट क्लास की स्थापना हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, ताकि महाविद्यालयों में आधुनिक, तकनीक आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके और विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध हो सकें। साथ ही जिन संस्थानों में फर्नीचर की कमी पायी गयी, वहां से तत्काल मांग पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया। जर्जर या मरम्मत योग्य भवनों के संबंध में संबंधित विभागों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।

निर्माणाधीन महाविद्यालय भवनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन भवनों का निर्माण कार्य मंडी परिषद के अधीन प्रचलित है, उनके संबंध में मंडी परिषद से समन्वय स्थापित कर प्रकरणों पर संज्ञान लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिन संस्थानों में अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता है, उनके लिए भी प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सक्षम, आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाना होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं को केवल पारंपरिक पाठ्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, विज्ञान विषयों, प्रोफेशनल एवं वोकेशनल कोर्स तथा स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए।

उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को शिक्षा के उपरांत रोजगार से जोड़ने पर बल देते हुए निर्देशित किया कि महाविद्यालयों में समय-समय पर प्रेरणा एवं करियर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन सत्रों में संबंधित विकासखंडों के बीडीओ द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा, जो विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, स्वरोजगार एवं करियर विकल्पों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

बैठक में कण्वघाटी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक महाविद्यालय को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक माह कम से कम एक करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किया जाए तथा उसके उपरांत विद्यार्थियों के नियोजन (प्लेसमेंट) से संबंधित प्रगति की जानकारी उपलब्ध करायी जाए।

जिलाधिकारी ने रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने हेतु उद्योग विभाग एवं सिडकुल के माध्यम से रोजगार मेलों के आयोजन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इच्छुक छात्र-छात्राओं को रोजगार मेलों में प्रतिभाग हेतु प्रोत्साहित किया जाए, ताकि उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

विद्यार्थियों की रुचि के अनुरूप प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक समुचित प्रारूप तैयार किया जाए, जिसमें छात्रों की रुचि, करियर विकल्पों एवं कौशल से संबंधित डेटा संकलित किया जाए। इससे रोजगार के रुझानों का विश्लेषण कर विद्यार्थियों को उसी अनुरूप प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा सकेगा।

उन्होंने सभी संस्थानों को पासआउट विद्यार्थियों की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे उनकी उपलब्धियों का आकलन कर अन्य विद्यार्थियों को प्रेरित किया जा सके। साथ ही दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों के महाविद्यालयों पर विशेष ध्यान देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इन क्षेत्रों में भी शहरी क्षेत्रों की भांति सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वहां के छात्र-छात्राएं भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने सतपुली महाविद्यालय को जाने वाले कच्चे मार्ग के सुधार हेतु जिला योजना के अंतर्गत प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पुश्तों के निर्माण हेतु भी संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया।

पॉलिटेक्निक संस्थानों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रोजगारोन्मुख बनाने पर बल देते हुए निर्देशित किया कि पाठ्यक्रमों एवं प्रशिक्षण को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाए। बैठक में उपस्थित सभी प्राचार्यों से सुझाव एवं फीडबैक भी प्राप्त किए गए, जिन पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी संस्थानों को अपनी प्रगति की नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

इस अवसर पर जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, प्रशासनिक अधिकारी मनोज रावत सहित समस्त राजकीय महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्राचार्य, प्रोफेसर एवं प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे।

Ad Ad

The Khabarnama India

About

The Khabarnama India उत्तराखण्ड का तेज़ी से उभरता न्यूज़ पोर्टल है। यदि आप अपना कोई लेख या कविता हमरे साथ साझा करना चाहते हैं तो आप हमें हमारे WhatsApp ग्रुप पर या Email के माध्यम से भेजकर साझा कर सकते हैं!

Author

Author: Shubham Negi
Website: www.thekhabarnamaindia.com
Email: thekhabarnama2020@gmail.com
Phone: +91 84456 29080

To Top