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संघर्ष विराम के बाद भी गाजा में हिंसा जारी, इजरायली गोलीबारी में 24 की मौत

इजरायल ने सैनिकों पर हमले का हवाला देकर की कार्रवाई

गाजा। गाजा पट्टी में घोषित संघर्ष विराम के बाद भी हालात सामान्य होते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा घटनाओं में इजरायली कार्रवाई के दौरान कम से कम 24 फलस्तीनी नागरिकों की मौत की खबर सामने आई है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। अस्पताल सूत्रों ने मौतों की पुष्टि की है। वहीं इस्राइल का कहना है कि यह कार्रवाई उसके सैनिकों पर हुई गोलीबारी के जवाब में की गई।

इजरायली सेना ने क्या वजह बताई?

इजरायली सेना के मुताबिक, गाजा में तैनात उसके सैनिकों पर उग्रवादियों ने फायरिंग की थी, जिसमें एक रिजर्व सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया। सेना का कहना है कि इसके बाद हवाई और जमीनी बलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की गई। इस्राइल ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि सैनिकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करना जरूरी था।

महिलाओं और बच्चों की मौत से बढ़ी चिंता

स्थानीय अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, मारे गए लोगों में सात महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं। मृतकों में एक पांच महीने का बच्चा और मात्र दस दिन की नवजात बच्ची भी शामिल बताई गई है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि संघर्ष विराम लागू होने के बाद से अब तक 530 से अधिक फलस्तीनी इस्राइली हमलों में अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे हालात की गंभीरता साफ झलकती है।

अस्पताल प्रशासन ने जताई नाराजगी

गाजा सिटी के शिफा अस्पताल के निदेशक ने कहा कि संघर्ष विराम के बावजूद आम नागरिकों के लिए हालात युद्ध जैसे ही बने हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर संघर्ष विराम लागू है, तो फिर जमीन पर हिंसा क्यों जारी है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों से आम लोगों में भय का माहौल है और जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पा रहा।

गाजा के अलग-अलग इलाकों में हुए हमले

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी गाजा के तुफ्फाह इलाके में एक इमारत पर की गई फायरिंग में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल थे। दक्षिणी शहर खान यूनिस में एक परिवार के टेंट को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई, जिनमें एक 12 वर्षीय बच्चा भी था। वहीं गाजा सिटी के ज़ैतून इलाके में टैंक शेलिंग से पति-पत्नी समेत तीन लोगों की मौत हो गई।

अब तक का कुल आंकड़ा क्या कहता है?

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 71,800 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। मंत्रालय आम नागरिकों और लड़ाकों के आंकड़े अलग-अलग जारी नहीं करता, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानती हैं। बढ़ती मौतों की संख्या ने संघर्ष विराम की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Author: Shubham Negi
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