माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड के “नशामुक्त देवभूमि मिशन 2025” को सफल बनाने के लिए एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल समय-समय पर अधीनस्थों की बैठक लेते हैं जिसमें विशेष जोर नशे पर लगाम लगाने और युवा पीढ़ी को नशे से बचाने पर रहता है। …लेकिन आजकल के कई युवा पढ़ाई छोड़कर या उसमें से ध्यान हटाकर नशे में अपना फ्यूचर तलाश करने में लगे हैं जो निश्चित ही किसी भी समाज के गर्त में जाने की प्रथम सीढ़ी है। ऐसे ही एक मामले में हरिद्वार की थाना श्यामपुर पुलिस द्वारा चैकिंग के दौरान लग्जरी i20 कार से तीन नवयुवकों अर्जुन, तरुण बिष्ट और अक्षत रावत को 1 किलो चरस की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया।
पकड़े गए अभियुक्तों में अर्जुन मनारिया मर्चेंट नेवी में अगले ही माह ट्रेनिंग पर जाने वाला था जिसमें एडवांस कोर्सों का पेमेंट भी किया जा चुका था, इनके द्वारा बताया गया कि देहरादून के कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए ही हम ये नशे का सामान लेकर जा रहे थे और भविष्य में भी यही काम करने का इरादा था। तीनों ही एप्पल कंपनी के महंगे फोन इस्तेमाल करते थे और गाड़ी भी बिना नंबर प्लेट की इस्तेमाल करते थे लेकिन हरिद्वार पुलिस की निगाहों से बच न सके। युवाओं की नसों में जहर घोलने से रोकने पर थाना श्यामपुर पुलिस की इस उपलब्धि पर क्षेत्रीय जनता द्वारा उनकी कार्यशैली की जहां चौतरफा सराहना हो रही है तो वहीं कई नवयुवकों के इस तरह पढ़ाई से ध्यान हटाकर नशे की तरफ जाने या नशे को ही अपना बिजनेस बनाने को बेहद चिंता की नजरों से देखा जा रहा है।




