स्वास्थ्य

प्रोटीन शेक फायदेमंद या नुकसानदायक? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है और इसमें प्रोटीन की अहम भूमिका होती है। आजकल फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते लोग प्रोटीन शेक का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं, लेकिन क्या ये वास्तव में सेहत के लिए फायदेमंद हैं या नुकसानदायक—इसे समझना जरूरी है।

प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है, जो मांसपेशियों के निर्माण, त्वचा और बालों की मजबूती के साथ-साथ एंजाइम और हार्मोन बनाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को अपने वजन के अनुसार रोजाना पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए। इसकी कमी से कमजोरी, मांसपेशियों में गिरावट और इम्युनिटी कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

फिटनेस और जिम करने वालों के बीच प्रोटीन शेक काफी लोकप्रिय हैं, क्योंकि ये मांसपेशियों की रिकवरी और ग्रोथ में मदद करते हैं। इसके अलावा, प्रोटीन लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास कराता है, जिससे वजन नियंत्रण में भी मदद मिल सकती है। साथ ही, यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी सहायक होता है।

हालांकि, प्रोटीन शेक दो तरह के होते हैं—एक बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर और दूसरा घर पर बनाए गए प्राकृतिक शेक। आहार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपकी डाइट में दाल, दूध, अंडा, पनीर, सोया और नट्स जैसे स्रोत पर्याप्त हैं, तो अलग से प्रोटीन शेक लेने की जरूरत नहीं होती। वहीं, एथलीट या ज्यादा शारीरिक मेहनत करने वाले लोग डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से इसका सेवन कर सकते हैं।

बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर को लेकर कई चिंताएं भी सामने आई हैं। कुछ अध्ययनों में इनमें भारी धातुएं, केमिकल्स और हानिकारक तत्व पाए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा, इनमें शुगर, आर्टिफिशियल फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव्स भी होते हैं, जो पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी पर भी दबाव पड़ सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से कोई समस्या हो।

ऐसे में विशेषज्ञ प्राकृतिक स्रोतों से प्रोटीन लेना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। दूध, दही, पनीर, दालें, चना, राजमा, सोयाबीन और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थ बेहतर विकल्प हैं। घर पर भी हेल्दी प्रोटीन शेक तैयार किए जा सकते हैं, जिसमें दूध या दही के साथ फल, नट्स और बीज मिलाकर पोषण बढ़ाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, प्रोटीन शेक का सेवन जरूरत और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए, जबकि संतुलित और प्राकृतिक आहार को प्राथमिकता देना ही सेहत के लिए सबसे बेहतर विकल्प है।

(साभार)

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Author: Shubham Negi
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