उत्तराखंड

जनपद में सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिलाधिकारी ने की व्यापक समीक्षा

108 समेत सभी एंबुलेंस निःशुल्क होंगी, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 33.60 लाख की मंजूरी

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य संसाधनों के युक्तिसंगत उपयोग पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि आमजन को उनके घर के निकटस्थ केंद्रों में अधिकतम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 108 एंबुलेंस सेवाओं के साथ साथ विभागीय एंबुलेंस निःशुल्क भेजी जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य परिवहन व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि एंबुलेंस की उपलब्धता हर स्थिति में सुनिश्चित हो। उन्होंने एम्बुलेंसों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाने तथा लॉग बुक मेंटेन करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में इस प्रकार की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए 33.60 लाख रुपए की स्वीकृति दी।

बैठक में जिलाधिकारी ने टीबी जांच हेतु उपलब्ध मोबाइल एक्स-रे वाहन की स्थिति की जानकारी ली तथा पैथोलॉजी जांच व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित सभी आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से किए जाएं तथा उनकी सूची स्पष्ट रूप से केंद्रों पर चस्पा की जाय। जिलाधिकारी ने अल्ट्रासाउंड व्यवस्थाओं को सुचारु करने के लिए तकनीशियनों को युक्तिसंगत रूप से नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने ख़राब अल्ट्रासाउंड मशीनों की मरम्मत के लिए धनराशि भी स्वीकृत की। साथ ही उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को घर के निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड सुविधा मिले तथा उन्हें लंबी दूरी तय न करना पड़े, इसके लिए साप्ताहिक रोस्टर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि सतपुली तथा बीरोंखाल में यह सुविधा शुरू हो गयी है तथा पाबौ में शीघ्र प्रारंभ होने वाली है।

जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसवों की प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी प्रसवों को प्रभावी रूप से ट्रैक करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की स्थिति पर सतत एवं गहन निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में संस्थागत प्रसवों की संख्या न्यूनतम है, वहां संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाय। चर्चा में पाया गया कि कुछ स्थानों पर खुशियों की सवारी सेवा कार्य उपलब्ध नहीं है। जिलाधिकारी ने असेवित स्वास्थ्य केंद्रों में ‘खुशियों की सवारी’ सेवा के आंतरिक वितरण के सुचारु रूप से संचालन पर जोर दिया, जिससे संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो सके।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि रेफरल अति आवश्यक हो तो गंतव्य अस्पताल को सूचित गया जाय तथा यह सुनिश्चित किया जाय कि रेफर किया गया मरीज सुरक्षित रूप से निर्धारित उच्च स्तरीय चिकित्सालय तक पहुंचे।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य उपकरणों एवं अवसंरचना की स्थिति, जनपद में ओपीडी की प्रगति की समीक्षा की तथा टेलीमेडिसिन सेवाओं के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि टेलीमेडिसिन के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक प्रावधान शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।

इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. पारुल गोयल, डॉ. विनय त्यागी, ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट सहित अन्य उपस्थित रहे।

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Author: Shubham Negi
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