देहरादून । उत्तराखंड में रोमांच के शौकीन पर्यटकों के लिए आपार संभावनाएं हैं। यहां कई ऐसे क्षेत्र हैं जो रोमांच से भरपूर हैं। वह चाहे रिवर राफ्टिंग हो, पैराग्लाइडिंग या फिर ट्रैकिंग। इनके लिए अब प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में निरंतर इजाफा भी हो रहा है। ऐसे पर्यटक विशेषकर युवाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सुरक्षित साहसिक पर्यटन की कई योजनाएं बनाई हैं। इसके साथ ही कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं।
प्रदेश में इस समय सरकार धार्मिक, साहसिक व स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने का काम कर रही है। बीते कुछ वर्षो में साहसिक पर्यटन को लेकर देश-विदेश के पर्यटकों का रुख प्रदेश की ओर होने लगा है। इनमें सबसे अधिक संख्या इस समय राफ्टिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की है। इसे सुरक्षित बनाने के लिए पर्यटन महकमा पहले ही कयाकिंग नीति बना चुका है। इसके अलावा अब धीरे-धीरे एयरोस्पोट्र्स भी प्रदेश में जगह बनाने लगा है। इसे सुरक्षित बनाने के लिए भी सरकार ने नियमावली बना दी है। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा साहसिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत औली में स्कीईंग चैंपियनशिप व देवप्रयाग में गंगा क्याक फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। साहसिक पर्यटन में रूचि रखने वाले ट्रैकर्स के लिए भी कम प्रचलित ट्रैकों को प्रचलन में लाने के लिए ट्रैक ऑफ द इयर का आयोजन किया गया है। तकरीबन चार वर्षों से हिमालयन माउंटेन बाइकिंग चैलेंज का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें साइकिल सवार पिथौरागढ़ से लेकर देहरादून का पर्वतीय मार्गों के जरिये सफर तय करते हैं। इसके साथ ही पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता व राफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही टिहरी में अब अंडर वाटर टूरिज्म की शुरूआत करने की भी तैयारी चल रही है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर का कहना है कि प्रदेश सरकार साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।




